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Deepak Vijayvargiy

जनता अब कांग्रेस के जुमलों, नारों पर नहीं काम पर रीझती और समर्थन देती हैः डॉ. विजयवर्गीय

भोपाल। भारतीय जनता पार्टी के मुख्य प्रदेश प्रवक्ता डॉ. दीपक विजयवर्गीय ने कहा कि कांग्रेस समय की नब्ज पहचानने के बजाए जुमलों, नारों और गलतबयानी को अपनी शक्ति मान बैठी है। कांग्रेस की गलत बयानी से कांग्रेस सिमटकर चार राज्यों में रह गयी है। उन्होंने कहा कि श्री राहुल गांधी अपने यूपीए शासन के दौर में की गयी गलतियों पर पर्दा डालने के लिए लगातार गलतबयानी करते आ रहे है। उद्योगपतियों के ऋण माफ करने का शगूफा श्री राहुल गांधी का ताजा मिथ्या दोषारोपण है, जबकि हकीकत यह है कि यूपीए के दौर में कार्पोरेट घरानों और उद्योगपतियों को अनुपातहीन कर्ज दिया गया जिससे देश का एनपीए 12 लाख करोड़ रूपए होने से बैंकों की सेहत कमजोर हुई है। बैंकिंग सिस्टम के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने तो आरोप लगाया है कि बैंको के ट्रस्टी मनोनीत करने में कांग्रेस ने गफलत की जिससे गलत लोगों के कर्ज देने का बैंको पर दबाव डाला गया और एनपीए बढ़कर 12 लाख करोड़ पहुँच गया। इस परंपरा पर मोदी सरकार ने ही अंकुश लगाया है।

उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने पूर्ववर्ती सरकारों द्वारा दिए गए कर्ज की अदायगी न करने वालों के विरूद्ध कार्यवाही के लिए कानून बनाया। बैंक रप्सी दिवालिया कानून में अमल किया जिससे अब कर्जदार कार्पोरेट के बैंक नहीं बैंको के चक्कर कर्जदार लगा रहे है। श्री राहुल गांधी जबरिया सहानुभूति बटोरने के लिए गलत बयानबाजी करके कांग्रेस की विश्वसनीयता पर सवालिया निशान लगा रहे है।

डॉ. विजयवर्गीय ने कहा कि पिछड़े वर्गो के महासम्मेलन में पिछड़ो को इसी तरह श्री राहुल गांधी ने गुमराह किया है और कहा कि एनडीए सरकार पिछड़ो के प्रति लापरवाह है जबकि हकीकत यह है कि एनडीए सरकार ने पिछड़ा वर्ग के कल्याण के लिए गठित पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा देने के लिए विधेयक संसद में पारित होने में अडंगा लगा रही है। जनता अब उनके जुमलों, नारों पर नहीं काम पर रीझती और समर्थन देती है। कांग्रेस का लोकसभा में 40 सीटों पर सिमट जाना कांग्रेस की गलत बयानी पर शगूफाबाजी का ही दुष्परिणाम है।

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