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मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा, आदिवासी की जमीन गैर आदिवासी को न बेची जाए अनुसूचित जनजाति की जमीन गैर जनजाति द्वारा हड़पने की साजिशों को सफल नहीं होने दिया जायेगा: पटेल

                भोपाल। भारतीय जनता पार्टी अनुसूचित जनजाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष श्री गजेन्द्रसिंह पटेल के नेतृत्व में एक शिष्ठ मंडल ने मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान से भेंटकर उन्हें ज्ञापन सौंपा। शिष्ठ मंडल में प्रतिनिधित्व करते हुए मध्यप्रदेश शासन के वरिष्ठ मंत्री श्री अंतरसिंह आर्यश्री गजेन्द्रसिंह पटेलश्री नितेन्द्र मरकाम ने मुख्यमंत्री को बताया कि मध्यप्रदेश भू राजस्व संहिता 1959 में अनुसूचित जनजाति की जमीन गैर आदिवासी को बेचे जाने की नीति के बावत भू राजस्व संहिता में संशोधन हेतु सुझाव आमंत्रित किए गए है।

                उन्होंने बताया कि संविधान के प्रावधान के अनुसार छठवी अनुसूची में जनजाति क्षेत्रों को सम्मिलित किया गया है। इसके प्रावधान के अनुसार अनुसूचित जनजाति की जमीने गैर आदिवासी को नहीं बेची जा सकती है। मध्यप्रदेश भू राजस्व संहिता 1959 की धारा 165, 170 (ख) में निहित प्रावधान के अनुसार बिना सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के अनुसूचित जनजाति की जमीन गैर आदिवासी द्वारा क्रय नहीं की जा सकती। ज्ञापन में कहा गया है कि आदिवासी परिवार के पास जमीन की रकबा पांच एकड़ के भीतर होता है जिस पर उसे साल भर गुजर करना पड़ती है। इससे उसकी गरीबी का स्वतः अहसास हो जाता है। खेती के अलावा आदिवासी के पास आजीविका का कोई विकल्प नहीं है। ऐसे में यदि अनुसूचित जनजाति की जमीन गैर आदिवासी को बेचे जाने का संशोधन किया जाता है तो आदिवासी समाज के साथ बड़ी त्रासदी होगी। उन्हें बेघरबेजमीन करने की साजिशे जारी है।

                ज्ञापन में मांग की गयी है कि आदिवासी की जमीन गैर आदिवासी को बेचे जाने के बारे में कोई भी संशोधन आदिवासी समाज के हितों के विपरीत होगा। उन्होंने ज्ञापन में आग्रह किया है कि जमीन गैर आदिवासी को बेचे जाने के संशोधन से आदिवासी समाज के सामने भुखमरी की समस्या पैदा होगी जो कानून व्यवस्था की समस्या भी बन जाए तो इंकार नहीं किया जा सकता। ज्ञापन में मांग की गयी है कि छठवी अनुसूचि के जिलों में अनुसूचित जनजाति के जमीन गैर आदिवासियों को बेचे जाने संबंधी न तो कोई नियम बनाया जाए और न इसे नीति का स्वरूप दिया जाएअन्यथा इसके दुष्परिणाम होंगे। मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान ने भरोसा दिलाया कि आदिवासी की जमीन गैर आदिवासी को बेचे जाने के बारे में कोई प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया जायेगा। ऐसी कोई भी साजिश को बर्दाश्त नहीं की जायेगी।

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